Godhadi (गोधडी)
डॉ.सुनील जाधव जमीन से जुड़े रचनाकार हैं। इनकी कहानियों की रचना जमीन से जुड़े रहने का परिणाम है। डॉ.जाधव जमीन की बात जमीन की शब्दावली में लोक की शब्दावली में, आँचलिक शब्दों की सोधी खुशबू के साथ कहानियों में परोसते चलते हैं। हमारा देश बहुत विशाल है। विशाल भूखंड, विशाल जनसख्या के बीच विभिन्न भाषा-भाषी समाज इस देश की पहचान है। भारत के उत्तर-दक्षिण-पूरबपश्चिम की अपनी विशिष्ट पहचान रही है। इस पहचान का कारण भाषा, वेशभूषा, खानपान, रहन-सहन, पर्व-त्योहार, परंपराएँ, संस्कार आदि हैं। डॉ. जाधव भारतवर्ष के महाराष्ट्र से अपने जनसमाज की गतिविधियों का बड़ी ही तन्मयता से जीते हुए रचनात्मकता में ढालने की सफल कोशिश कर रहे हैं। साहित्य का एक अध्येता होने के नाते कहें अथवा साहित्यप्रेमी होने के नाते कहें जनसमाज की गतिविधियों को कहानी में ढालकर हिंदी के विशाल पाठक समुदाय को इनसे परिचित कराने की एक छोटी ही परंतु महत्वपूर्ण कोशिश के रूप में इस कहानी संग्रह का स्वागत किया जाना चाहिए।