Sikh Dharam Mein Gor Rajput Ke Anmol Ratan

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Inder Singh Valjot, Karam Singh Vakil 2014
32 हिंदी
A book about the brave history and heritage of the Banjara community, inspiring youth to learn from their ancestors and martyrs.

इस किताब का दूसरा संकलन निकालते हुए हम दोनो को बहुत खुशी हो रही है। आज किताब लिखना व फिर खूब पैसा लगा कर छापना, आसान काम न है, मगर अपने बंशजों के जिए इंसान कया नहीं करता ? हम चाहते हैं कि समाज के नौनिहाल व समाज इस किताब से फायदा उठाये व अपने अमर शहीदों के गोरखम इतिहास से सीख ले। समाज के हर खास व आम का यह फंज है कि वो कुछ सीखे व अपने हाथ की जलती मशाल आने वाली पीड़ी के अपने वंशजों के हाथ थमाये । अगर हमारे नोनिहाल अपना ग्यान व बजुरगों के तुजरवे को मिला कर कार्यं करे तो जळद व तेजी से तरकी कर सकते हैं। आप भाई बचितर सिंह, भाई मनी सिंह, भाई दयाला जी व लखी शाह वंजारा जी के वारे में ग्यान इस किताब से हासिल करें। 'मन तु जोत सरूप है अतना मूल पछान' को मन में गहरे से बिठा कर हमें जीना होगा व रोजमरा जन जीवन में ढालना होगा, सिरफ तोता रटन से कुछ नहीं होगा। बाणी गुरू तभी होगी जब उस से सीख लेंगे व दिल से अपनायेगे। हमारी कोई गलती लगे, हमें जरूर बताए। हर मशवरे का हम दिल की गहराइओं से सवागत करेंगे। वाहिगुरु जी का खालसा, वाहिगुरू जी की फतिह !


लेखक: इन्दर सिंह वलजोत व करम सिंह वकील

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